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भैंस को जनजातीय कार्यविभाग बनाकर बजाई बीन काग्रेस ने किया अनोखा प्रदर्शन जनजातीय कार्यविभाग के सहायक आयुक्त का फूंका पुतला

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भैंस को जनजातीय कार्यविभाग बनाकर बजाई बीन काग्रेस ने किया अनोखा प्रदर्शन जनजातीय कार्यविभाग के सहायक आयुक्त का फूंका पुतला

छात्रावासों में अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के प्रवेश का मामला

आमला। आमला में आज अनोखा प्रदर्शन हुआ। कांग्रेसियों ने एक भैंस को प्रतिकात्मक रूप से जनजातीय कार्यविभाग के सहायक आयुक्त का नाम देकर उसके सामने बिन बजाई और साथ ही एसी ट्रायबल का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। दरअसल जनजातीय कार्यविभाग के छात्रावासों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को प्रवेश नही मिलने के मामले ने धीरे धीरे अब तूल पकड़ लिया है। प्रदर्शन को दूसरे संगठनों का भी समर्थन मिला है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी मांग को जायज बताया। भारत आदिवासी पार्टी के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर मौजूद था। नायब तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की जिसके बाद प्रदर्शनकारियो ने चेतावनी देकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में शामिल सेवादल के जितेन्द्र शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार भैंस के सामने बीन बजाने से कोई फायदा नही होता उसी प्रकार जनजातीय कार्यविभाग के अधिकारियों का भी यही रवैया है। वही महेन्द्रसिंह परमार ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के बच्चों को अभी तक के छात्रावासों में प्रवेश मिलते आया था इस वर्ष तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है। किसान कांग्रेस के रविकांत उघड़े, छन्नु बेले, आदिवासी प्रकोष्ठ के बिसराम उइके, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के अर्जुन उइके, सुखराम कुमरे, इमरत उइके आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए और जनजातीय कार्यविभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाया। प्रदर्शन में युथ कांग्रेस अध्यक्ष अजय सोलंकी, मनीष नागले, विरेन्द्र बर्थे , जयस के सुनिल उइके, सुरतलाल उइके, सोहनसिंह चौहान, संजू वट्टी, कन्हैया साहु, मनीराम कुमरे, कलीराम उइके, चिंतुलाल उइके, सुखमेश उइके, बबलु लोभो, भारत आदिवासी पार्टी के अनिल उइके, रमेश प्रजापति, रामलाल, मेखलाल, सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

ये थी प्रमुख मांग

प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार एस.एल.समेले को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख मांग थी कि पूर्व के समान इस सत्र में भी जनजातीय कार्यविभाग के छात्रावासों में सीटे रिक्त होने पर आदिवासी विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाए। आमला में अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियेां के लिए शहर में भी छात्रावास खोला जाए साथ ही कन्या शिक्षा परिसर के भवन का निर्माण जल्द से जल्द करवाया जाए।

प्रशासन को दी चेतावनी

ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी भी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर ज्ञापन पर कार्यवाही नही हुई तो जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। आदिवासी बच्चों से जुड़े इस मुद्दे पर सभी संगठन एक हुए। ज्ञापन सौंपते समय कांग्रेस सेवादल, किसान कांग्रेस, कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी , भारत आदिवासी पार्टी, जयस, के भी पदाधिकारी उपस्थित थे।

इनका कहना है।

ज्ञापन वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जा रहा है। –

एस.एल.समेले नायब तहसीलदार आमला।

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