केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की मुलाकात सालो की लंबित मांग को उठाया आमला में कोच फेक्ट्री खोलने पर दिया जोर
आमला। क्षेत्रीय विकास और रेल यात्रियों की सुविधा को लेकर आमला को बड़ी सौगात दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। केंद्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से विशेष मुलाकात कर आमला सहित आसपास के स्टेशनों से जुड़ी वर्षों पुरानी मांगों को मजबूती से उठाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमला जैसे ऐतिहासिक और जंक्शन स्टेशन की लगातार अनदेखी से आम जनता, किसान, छात्र और व्यापारी वर्ग प्रभावित हो रहे हैं।
दादाधाम इंटरसिटी पुनः शुरू करने की मांग
मंत्री श्री उइके ने नागपुर-भुसावल ‘दादाधाम इंटरसिटी’ को बंद किए जाने पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन मुलताई से लेकर छनेरा तक के हजारों दैनिक यात्रियों की जीवनरेखा थी। ट्रेन बंद होने से लोगों को या तो महंगे निजी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है या फिर लंबी दूरी तय कर अन्य स्टेशनों से यात्रा करनी पड़ रही है।
उन्होंने रेल मंत्री से इस सेवा को तत्काल पुनः प्रारंभ करने की मांग करते हुए इसे जनहित का विषय बताया।
6 प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के आमला में ठहराव की मांग
केंद्रीय मंत्री श्री उइके ने आमला स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव का प्रस्ताव रखा। इनमें प्रमुख रूप से –
समता एक्सप्रेस
सिकंदराबाद एक्सप्रेस
जयपुर–चेन्नई एक्सप्रेस
मैसूर–जयपुर एक्सप्रेस
पुरी–जोधपुर एक्सप्रेस
सेवाग्राम एक्सप्रेस (नागपुर से बढ़ाकर आमला तक विस्तार)
उन्होंने तर्क दिया कि इन ट्रेनों के ठहराव से आदिवासी और ग्रामीण अंचलों के लोगों को सीधे बड़े शहरों से कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे छात्रों, मरीजों और व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी।
रेलवे की खाली जमीन पर कोच फैक्ट्री या सोलर प्लांट का विजन
मंत्री उइके ने आमला में रेलवे की खाली पड़ी भूमि के सदुपयोग का बड़ा प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने सुझाव दिया कि यहाँ कोच फैक्ट्री या सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाए।
उन्होंने कहा कि इससे न केवल रेलवे को राजस्व मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। आमला रेलवे स्टेडियम और पार्क के नवीनीकरण की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि रेलवे की संपत्तियों को आधुनिक स्वरूप दिया जाना चाहिए।
हरदा, खिरकिया, टिमरनी और छनेरा के लिए भी उठाई आवाज
आमला के साथ-साथ मंत्री उइके ने हरदा, खिरकिया, टिमरनी और छनेरा स्टेशनों पर भी प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग रखी। उन्होंने कहा कि यह पूरा क्षेत्र कृषि प्रधान है, जहां से बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी देश के विभिन्न हिस्सों में आवाजाही करते हैं। छात्रों और मरीजों को भी बड़े शहरों तक पहुंचने में कठिनाई होती है। ऐसे में इन स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव समय की मांग है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम
राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को आमला क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यदि मांगों पर सहमति बनती है तो आमला रेलवे जंक्शन को पुनः उसकी पुरानी पहचान मिल सकती है। रेल सेवाओं के विस्तार, नए उद्योगों की स्थापना और बेहतर कनेक्टिविटी से आमला क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।











