नकली राजश्री गुटखा की खुलेआम बिक्री, महंगे दामों पर धड़ल्ले से कारोबार बिना जीएसटी के लाखों का खेल, कार्रवाई के अभाव में फल-फूल रहा अवैध धंधा
पाउच में मिल रहे कांच के टुकड़े, उपभोक्ताओं की सेहत पर मंडरा रहा खतरा जिम्मेदार विभाग मौन, बाजार में बढ़ती जा रही शिकायतें
आमला। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों कथित रूप से नकली राजश्री गुटखा की बिक्री जोरों पर है। दुकानों पर यह गुटखा असली ब्रांड के नाम से महंगे दामों पर बेचा जा रहा है, जबकि बताया जा रहा है कि इस पर न तो वैध जीएसटी बिल दिया जा रहा है और न ही किसी प्रकार की कर रसीद। सूत्रों के अनुसार इस अवैध कारोबार से लाखों रुपये का लेन-देन प्रतिमाह हो रहा है। बाजार में कई छोटे थोक विक्रेताओं के माध्यम से माल सप्लाई किया जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। आम उपभोक्ता असली-नकली में फर्क नहीं कर पा रहा है। प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
नकली राजश्री में निकल रहे कांच के टुकड़े यूपी से आकर आमला में लोग बना रहे नकली राजश्री
दूसरी ओर कुछ उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि नकली गुटखा पाउच में कांच जैसे नुकीले कण निकल रहे हैं। एक युवक ने बताया कि गुटखा खाते समय उसके मुंह में तेज चुभन हुई, जिसके बाद जांच करने पर पाउच में कांच के टुकड़े दिखाई दिए। युवक ने बताया कि यूपी से आकर कुछ लोग नकली राजश्री बनाकर बेच रहे है। यदि यह सच है तो यह मामला बेहद गंभीर है और जानलेवा साबित हो सकता है। बोडखी ओर आमला में एक किराना दुकान पर नकली राजश्री होल सेल में बिक रहा है विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कण मुंह, गले और आंतों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे संक्रमण और आंतरिक रक्तस्राव का खतरा भी बढ़ जाता है। बावजूद इसके बाजार में इस उत्पाद की बिक्री जारी है। खाद्य एवं औषधि विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने नमूने जांच के लिए भेजने की मांग की है।
नकली राजश्री गुटखा की बिक्री पर लगाई जाए रोक किराना दुकानों पर पड़ना चाहिए छापा
जानकारों का कहना है कि नकली ब्रांडिंग के जरिए असली कंपनी के नाम का दुरुपयोग कर उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा रहा है। पैकिंग और डिजाइन इतनी मिलती-जुलती है कि आम ग्राहक धोखा खा जाता है। दुकानदार भी अधिक मुनाफे के लालच में ऐसे उत्पाद बेच रहे हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह नेटवर्क और फैल सकता है। प्रशासन द्वारा बाजार में छापामार कार्रवाई और स्टॉक की जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। साथ ही जीएसटी विभाग से भी कर चोरी की जांच की मांग उठ रही है। शहरवासियों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और लाइसेंस निरस्तीकरण की मांग की है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग कब सक्रिय होते हैं।










