आमला। ग्राम पंचायत कलमेश्वरा के गांव कछार में लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को अब राहत मिलने लगी है। गुरुवार को प्रशासन और पीएचई विभाग की पहल पर गांव में नल-जल योजना को सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया। योजना के तहत बोर में मोटर डालकर पानी की सप्लाई प्रारंभ की गई, जिससे ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंचना शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि बीते कई दिनों से पानी की समस्या के कारण उन्हें दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा था। समस्या की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम शैलेन्द्र बडोनिया ने मामले को गंभीरता से लिया और पीएचई विभाग की एसडीओ को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशासन की सक्रियता के बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और योजना को चालू कराया गया। इससे गांव के लोगों में खुशी का माहौल देखा गया।
पीएचई विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर किया कार्य, ग्रामीणों को मिली राहत
पीएचई विभाग की टीम ने गांव कछार पहुंचकर बंद पड़ी व्यवस्था का निरीक्षण किया और तकनीकी खामियों को दूर करते हुए बोर में मोटर स्थापित कर नल-जल योजना को दोबारा चालू कराया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि योजना को स्थायी रूप से संचालित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। जैसे ही पानी की सप्लाई शुरू हुई, ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। महिलाओं ने बताया कि पानी के लिए रोजाना परेशान होना पड़ता था और कई बार हैंडपंपों पर लंबी कतारें लगानी पड़ती थीं। योजना शुरू होने से अब उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन और पीएचई विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई होने से गांव में पानी का संकट दूर हो गया है। विभाग द्वारा आगे भी नियमित मॉनिटरिंग किए जाने की बात कही गई है ताकि योजना बाधित न हो।
एसडीएम शैलेन्द्र बडोनिया ने कहा- ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं देना प्रशासन की प्राथमिकता
एसडीएम शैलेन्द्र बडोनिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। गांव कछार में नल-जल योजना बंद होने की जानकारी मिलते ही पीएचई विभाग को तत्काल निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में किसी भी गांव में पेयजल संकट नहीं होने दिया जाएगा और जहां भी समस्या सामने आएगी वहां तत्काल समाधान कराया जाएगा। एसडीएम ने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे पानी का सदुपयोग करें और योजना के रखरखाव में सहयोग दें। वहीं ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अब उन्हें पानी की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखे जाने से योजना बेहतर तरीके से संचालित हो सकेगी और गांव के लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध होता रहेगा।










