आमला। जिले में नरवाई जलाने के मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। आमला तहसील के ग्राम सेमरिया खुर्द में खेत में नरवाई जलाने के मामले में तहसील प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। तहसीलदार रिचा कौरव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एनजीटी एवं कलेक्टर के आदेशों के उल्लंघन पर पुलिस कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के किसानों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
पटवारी की जांच में सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार पटवारी हल्का नंबर 34 ग्राम सेमरिया खुर्द की प्रभारी पटवारी रीना वरठी को 25 मई 2026 की रात करीब 9 बजे खेत में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना खेत के बटाईदार सायबा यादव निवासी सेमरिया खुर्द द्वारा दी गई। इसके बाद 26 मई को तहसीलदार आमला को लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया। तहसीलदार के निर्देश पर पटवारी ने मौके पर पहुंचकर जांच की और स्थल पंचनामा तैयार किया। जांच के दौरान खसरा नंबर 158/1/1, 149/9, 149/10, 159/1/3 एवं 159/1/2 की भूमि पर नरवाई जलाना पाया गया।
साक्षियों की मौजूदगी में तैयार हुआ पंचनामा
पटवारी द्वारा साक्षियों की उपस्थिति में मौके का पंचनामा तैयार कर तहसीलदार न्यायालय आमला में प्रस्तुत किया गया। जांच रिपोर्ट के अवलोकन के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित किसानों द्वारा खेतों में नरवाई जलाकर कलेक्टर बैतूल के आदेशों का उल्लंघन किया गया है। मामले में विशेष रूप से खसरा नंबर 149/9 के कृषक अंगद पिता फुसू द्वारा नरवाई जलाना सामने आया। प्रशासन ने इसे पर्यावरण संरक्षण नियमों एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों का उल्लंघन माना है।
बीएनएस की धाराओं में अपराध दर्ज, विवेचना शुरू
तहसीलदार न्यायालय आमला द्वारा थाना प्रभारी आमला को पत्र जारी कर आरोपी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद थाना आमला पुलिस ने जांच उपरांत प्रथम दृष्टया आरोपी अंगद पिता फुसू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 (बी) एवं 287 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने किसानों से नरवाई नहीं जलाने और पर्यावरण संरक्षण संबंधी नियमों का पालन करने की अपील भी की है।










