डिवाइडर निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं के आरोप, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन जल्द होगा आंदोलन
आमला। नगर के मुख्य मार्ग पर चन्द्रभागा नदी से बस स्टैंड तक चल रहे डिवाइडर निर्माण कार्य में कथित भ्रष्टाचार, तकनीकी अनियमितताओं, घटिया निर्माण गुणवत्ता एवं यातायात सुरक्षा से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर गुरुवार को जनसेवा कल्याण समिति और राष्ट्रीय बजरंग दल की आमला इकाई द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच एवं सख्त कार्यवाही की मांग की गई।ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। डिवाइडर पर लगाए जाने वाले स्ट्रीट लाइट पोल के लिए बनाए जा रहे फाउंडेशन एवं स्ट्रक्चर अत्यंत कमजोर तरीके से तैयार किए जा रहे हैं। आरोप है कि मात्र चार लोहे की सरियों एवं सीमित रिंग के सहारे ढलाई कर संरचना बनाई जा रही है, जो भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकती है। कई स्थानों पर तैयार फाउंडेशन अभी से हिलते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे आमजन में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।राष्ट्रीय बजरंग दल इकाई अध्यक्ष सावन चौहान ने आरोप लगाया कि संबंधित उपयंत्री को निर्माण कार्य की डिजाइन एवं ड्राइंग की पर्याप्त जानकारी नहीं है, जिसके कारण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। निर्माण कार्य में अमानक एवं निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग कर इस्टीमेट के अनुरूप कार्य नहीं कराया जा रहा है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी नहीं होने से ठेकेदार मनमानी तरीके से निर्माण कार्य कर रहा है।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि लगभग 300 मीटर लंबे डिवाइडर निर्माण में 11 कट एवं क्रॉसिंग पॉइंट छोड़े गए हैं, जो यातायात व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत अव्यवहारिक हैं। नागरिकों का कहना है कि मुख्य मार्ग होने के कारण इस सड़क पर यातायात का भारी दबाव रहता है और जगह-जगह छोड़े गए कट भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका को बढ़ा सकते हैं।ज्ञापन में डिवाइडर निर्माण के तकनीकी मानकों का भी उल्लेख करते हुए बताया गया कि स्ट्रीट लाइट पोल के लिए पर्याप्त गहराई एवं चौड़ाई वाला बेस, उच्च गुणवत्ता के कंक्रीट, मजबूत लोहे के सरियों के पिंजरे तथा फाउंडेशन बोल्ट जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं होना चाहिए, किन्तु वर्तमान निर्माण कार्य में इन मानकों का पालन होता दिखाई नहीं दे रहा है। नगरवासियों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराए जाने, गुणवत्ता परीक्षण करवाने तथा दोषी ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की मांग की है। साथ ही जांच पूर्ण होने तक संबंधित निर्माण कार्य के सभी भुगतान रोकने की भी मांग की गई है।
ज्ञापन सौंपने वालों में सावन चौहान, अमित यादव, सुमित राने, नितिन ठाकुर, मोनू सिसोदिया, धीरज टीकारे एवं पवन मस्तकार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।











