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आमला में सुबह दूध नहीं, शराब मिलती है समय से पहले खुल रही मदिरा दुकानें, आबकारी नियमों को ठेंगा सुबह-सुबह खुल जाती हैं शराब दुकानें, दूध की दुकान से पहले लगती है शराब खरीदारों की भीड़ सरकारी दुकानों से होटलों तक अवैध शराब की सप्लाई का संगठित खेल, पुलिस–आबकारी पर उठे गंभीर सवाल पुलिस को नहीं दिखाई देते नेताओं के ओवरलोड डंपर, बिना रॉयल्टी हो रहा परिवहन मिलीभगत के आरोप प्रोग्रेस प्ले स्कूल, आमला का बोर्ड कक्षाओं (5वीं एवं 8वीं) का परिणाम शत-प्रतिशत, विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन मेरे खाटू वाले श्याम तेरे दर पर आऊंगा: कुलदीप सोलंकी का नया भजन रिलीज, भक्तों में उत्साह महाशिवरात्रि पर हसलपुर शिव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, विशाल भंडारे में हजारों भक्तों ने किया प्रसाद ग्रहण

आमला में सुबह दूध नहीं, शराब मिलती है समय से पहले खुल रही मदिरा दुकानें, आबकारी नियमों को ठेंगा सुबह-सुबह खुल जाती हैं शराब दुकानें, दूध की दुकान से पहले लगती है शराब खरीदारों की भीड़

आमला में सुबह दूध नहीं, शराब मिलती है समय से पहले खुल रही मदिरा दुकानें, आबकारी नियमों को ठेंगा सुबह-सुबह खुल जाती हैं शराब दुकानें, दूध की दुकान से पहले लगती है शराब खरीदारों की भीड़

आमला शहर में इन दिनों शराब दुकानों के संचालन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। नगरवासियों का आरोप है कि जहां सुबह लोगों को दूध और जरूरी सामग्री के लिए इंतजार करना पड़ता है, वहीं शराब दुकानों के शटर तय समय से पहले ही खुल जाते हैं। खासतौर पर शासकीय कम्पोजिट अंग्रेजी शराब दुकान बस स्टैंड और बोडखी क्षेत्र की दुकानों पर सुबह से ही शराब खरीदने वालों की भीड़ लगने लगती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित समय का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। रहवासी इलाकों में संचालित दुकानों के कारण महिलाओं और स्कूली बच्चों को भी असहज माहौल का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि सुबह के समय शराबियों की आवाजाही से क्षेत्र का वातावरण खराब हो रहा है। कई बार नशे में विवाद और गाली-गलौज जैसी स्थिति भी बनती है, जिससे आमजन परेशान हैं। नागरिकों ने प्रशासन से नियमों के अनुसार दुकान संचालन और सख्त निगरानी की मांग उठाई है।

आबकारी विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल, नियमों के विरुद्ध संचालन का आरोप

नगर में संचालित शराब दुकानों को लेकर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की मौन स्वीकृति के कारण ही शराब ठेकेदार नियमों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से दुकानें संचालित कर रहे हैं। निर्धारित समय से पहले बिक्री, दुकानों के आसपास अव्यवस्थित भीड़ और खुलेआम शराब सेवन जैसी शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है। रहवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। बस स्टैंड और बसाहट क्षेत्र जैसे संवेदनशील इलाकों में शराब दुकानें खुलने से सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक सख्ती नहीं होने से शराब ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं। शहर में सुबह-सुबह शराब बिक्री का दृश्य आम हो चुका है, जिससे युवाओं पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। लोगों ने कलेक्टर और जिला आबकारी अधिकारी से पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

 

महिलाओं और व्यापारियों में नाराजगी, कहा- शहर की छवि हो रही खराब

शराब दुकानों के समय से पहले खुलने और रहवासी क्षेत्रों में बढ़ती गतिविधियों को लेकर महिलाओं और व्यापारियों में भी भारी नाराजगी देखी जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि सुबह बाजार खुलने से पहले ही शराब दुकानों के बाहर भीड़ जमा होने लगती है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कई बार शराबी रास्तों में हुड़दंग करते नजर आते हैं, जिससे परिवारों में असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है। बस स्टैंड क्षेत्र में बाहर से आने वाले यात्रियों पर भी इसका गलत प्रभाव पड़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि शहर की पहचान अब विकास कार्यों से ज्यादा शराब दुकानों की अव्यवस्था से जुड़ती जा रही है। लोगों ने मांग की कि शराब दुकानों के संचालन समय का कड़ाई से पालन कराया जाए और रहवासी क्षेत्रों से दुकानों को हटाने पर विचार किया जाए। सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। नगरवासियों ने प्रशासन से कानून व्यवस्था और सामाजिक वातावरण को बचाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

Ibn 24 Bharat
Author: Ibn 24 Bharat

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