गुरु पूजन दिवस का आयोजन श्री सति भाई सांई दास सेवा दल द्वारा भव्य आयोजन
आमला. श्री सति भाई सांई दास सेवा दल द्वारा गुरु पूजन दिवस का आयोजन किया गया। इस भक्तिमय आयोजन में सेवादल और पंजाब सेवा समिति के सभी सदस्य सपरिवार सम्मिलित हुए। श्री गुरुजी रामसुखदास जी महाराज के अमृत वचन को सुनाया गया, जिसमें उन्होंने दूसरों के लिए बाधक न बनने और परमात्मा की प्राप्ति के श्रेष्ठ मार्ग के बारे में बताया। इस आयोजन में समाज के वरिष्ठ जनों द्वारा श्री गुरुजी के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया गया और उनके समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया गया। महाआरती के बाद महाप्रसाद वितरित कर आयोजन सम्पन्न किया गया।
समाज के सदस्यों की भागीदारी
इस आयोजन में समाज के कई सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने इस भक्तिमय आयोजन में अपनी भागीदारी निभाई। कालीचरण गिरधर, दाताराम गुगनानी, मदनलाल गुगनानी, किशोर गुगनानी ,सुभाष बत्रा, वीरेंद्र मनोचा, राजू मदान, सुरेश बत्रा, राजीव मदान, राजेंद्र गुगनानी, चरणजीत गुगनानी और हेमन्त विक्की गुगनानी सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे। सभी ने इस आयोजन को सफल बनाने में अपनी पूरी मेहनत और लगन से काम किया भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सदैव पूजनीय रहा है। गुरु वह दिव्य सेतु होते हैं, जो शिष्य को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान, विवेक और प्रकाश की ओर अग्रसर करते हैं। गुरु का आशीर्वाद ही जीवन को दिशा देता है और शिष्य के भीतर आत्मविश्वास, नैतिक बोध और कर्तव्यपरायणता का संचार करता है। गुरु की प्रेरणा से ही व्यक्ति का चरित्र निखरता है और वह जागरूक, उत्तरदायी एवं समाजोपयोगी नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाता है।
धार्मिक आयोजन में हमेशा ही मिलती है सफलता
कार्यक्रम संयोजक डॉ शिशिर गुगनानी, हेमंत गुगनानी और चरणजीत गुगनानी ने सभी का आभार व्यक्त कर आने वाले समय में और रोचक वा भव्य आयोजन करने का वादा किया। इस आयोजन की सफलता के लिए समाज के सदस्यों ने अपनी पूरी मेहनत और लगन से काम किया। इस आयोजन से समाज के सदस्यों को एकजुट होने और गुरु की प्रेरणा से लाभ उठाने का अवसर मिला कार्यक्रम संयोजकों ने आने वाले समय में और रोचक वा भव्य आयोजन करने का वादा किया। इससे समाज के सदस्यों को और अधिक लाभ होगा और वे गुरु की प्रेरणा से अपने जीवन को और अधिक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ा सकेंगे। इस आयोजन से समाज के सदस्यों में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।
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