तलाब नदियां हमारी मातृशक्ति, इनकी रक्षा हमारा कर्तव्य है :तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह
विवेकानंद जयंती पर बेल नदी से जिलेभर में नदी शुद्धि महाअभियान का शुभारंभ
आमला। विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ बैतूल के नेतृत्व में बेल नदी शुद्धि अभियान का शुभारंभ किया गया। ग्राम पंचायत अंबाड़ा स्थित नागदेव मंदिर के समीप बेल नदी के उद्गम स्थल से अभियान की शुरुआत हुई। इस अवसर पर तहसीलदार आमला शत्रुघ्न सिंह ने स्वयं श्रमदान कर युवाओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि नदियां हमारी मातृशक्ति हैं, जिनकी अविरल जलधारा सदियों से मानव जीवन का पोषण करती आ रही है। इसलिए उनका संरक्षण केवल दायित्व नहीं बल्कि सामाजिक संस्कार भी है। कार्यक्रम में विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। युवाओं से प्रकृति संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।
बैतूल जिले की हर नदी के उद्गम से चलेगा सफाई अभियान – डॉ. कैलाश वर्मा
जिला समन्वयक डॉ. कैलाश वर्मा ने बताया कि बैतूल जिले से निकलने वाली ताप्ती, पूर्णा, बेल, वर्धा और माचना सहित सभी नदियों के उद्गम स्थलों से चरणबद्ध सफाई एवं जल संरक्षण अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान 5 जून 2026, विश्व पर्यावरण दिवस तक निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और नदी शुद्धि अभियान में युवा प्रकोष्ठ बैतूल अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बीते वर्ष जिले में 40 हजार पौधों का रोपण कर हरित क्षेत्र बढ़ाने का प्रयास किया गया। नदी किनारे स्वच्छता, जल स्रोतों की अखंडता और अविरल धारा बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय संगठनों और ग्रामवासियों की सहभागिता से अभियान को जनआंदोलन बनाया जाएगा।
युवाओं की कार्ययोजना से बदलेगा जिले का पर्यावरण परिदृश्य
युवा प्रकोष्ठ समन्वयक निलेश मालवीय ने बताया कि जिले की प्रत्येक तहसील के समन्वयकों ने अपने-अपने क्षेत्र की नदियों और तालाबों की सफाई का संकल्प लिया है। पूर्णा नदी से अभियान की जिम्मेदारी शंकरराव कड़ु ने ली, जबकि मुलताई में मां ताप्ती और वर्धा नदी पर सी.एस. चंदेल एवं टी.के. चौधरी अभियान चलाएंगे। 1 फरवरी 2026 को माचना नदी के उद्गम स्थल से संत रविदास जयंती पर ‘अविरल माचना अभियान’ शुरू होगा। ग्राम पंचायत ससुंद्रा एवं युवा कार्यकर्ताओं ने प्रसादी और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने श्रमदान कर सहभागिता निभाई। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरे वर्ष सतत रूप से चलता










