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आवासीय नजूल भूमि पर संचालित शराब दुकान पर उठे सवाल, किराए पर दी नजूल की भूमि की दुकान नियमों के उल्लंघन के आरोप,जाच के बाद भी नजूल पट्टा नही हुआ निरस्त वन विभाग के रेस्ट हाउस में 13 लाख के कायाकल्प पर सवाल बदहाल हालात देख ग्रामीणों में आक्रोश, भ्रष्टाचार की जांच की उठी मांग कछार गांव में शुरू हुई नल-जल योजना, अब नहीं होगी पानी की परेशानी एसडीएम के निर्देश पर पीएचई विभाग ने बोर में मोटर डालकर शुरू की जलापूर्ति ईद-उल-अजहा पर ईदगाह में उमड़ा आस्था का सैलाब, अमन-चैन और भाईचारे की मांगी दुआ हजारों लोगों ने अदा की ईद-उल-अजहा की नमाज, गूंजा भाईचारे और मोहब्बत का संदेश नरवाई जलाने पर प्रशासन सख्त: किसान पर एफआईआर दर्ज एनजीटी और कलेक्टर के आदेशों के उल्लंघन पर तहसील प्रशासन की कार्रवाई, आमला थाना में मामला दर्ज जम्बाड़ा मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, ऑटो और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत में महिला-पुरुष गंभीर

आवासीय नजूल भूमि पर संचालित शराब दुकान पर उठे सवाल, किराए पर दी नजूल की भूमि की दुकान नियमों के उल्लंघन के आरोप,जाच के बाद भी नजूल पट्टा नही हुआ निरस्त

आमला । शहर के व्यस्ततम बस स्टैंड क्षेत्र में आवासीय नजूल भूमि पर संचालित शासकीय देशी एवं अंग्रेजी शराब दुकान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार जिस भूमि का पट्टा मूल रूप से आवासीय प्रयोजन के लिए दिया गया था, उसी परिसर का उपयोग वर्तमान में व्यवसायिक गतिविधि के लिए किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शासन द्वारा नजूल भूमि के पट्टे जरूरतमंद परिवारों को आवास निर्माण और निवास के उद्देश्य से प्रदान किए जाते हैं, लेकिन कई स्थानों पर इनका स्वरूप बदलकर व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है। बस स्टैंड स्थित शराब दुकान का मामला भी इसी श्रेणी में बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि भूमि का उपयोग व्यवसायिक रूप में किया जा रहा है तो नियमानुसार आवश्यक अनुमति और डायवर्सन की प्रक्रिया पूरी होना चाहिए। इस विषय को लेकर शहर में चर्चा तेज हो गई है।

शराब दुकान से वसूला जा रहा हजारों रुपए किराया, राजस्व और नगरपालिका को नुकसान की आशंका

स्थानीय लोगों का आरोप है कि आवासीय नजूल भूमि पर संचालित शराब दुकान से प्रतिमाह हजारों रुपए का किराया प्राप्त किया जा रहा है। यदि भूमि का मूल स्वरूप आवासीय है तो व्यवसायिक उपयोग की स्थिति में संबंधित नियमों का पालन आवश्यक माना जाता है। नागरिकों का कहना है कि आवासीय पट्टे की भूमि पर दुकान या व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालित किए जाने से शासन और नगरपालिका को मिलने वाले संभावित राजस्व पर भी प्रभाव पड़ता है। कई मामलों में व्यवसायिक कर और अन्य शुल्क देय होते हैं, जबकि आवासीय श्रेणी में यह व्यवस्था अलग होती है। लोगों ने मांग की है कि संबंधित भूमि और पट्टे की स्थिति सार्वजनिक की जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि शराब दुकान किस आधार पर संचालित हो रही है। मामले को लेकर क्षेत्र के नागरिकों में असंतोष दिखाई दे रहा है।

मंदिर और आवासीय क्षेत्र के बीच शराब दुकान संचालन पर भी लोगों ने जताई आपत्ति

बस स्टैंड क्षेत्र में संचालित शराब दुकान के आसपास आवासीय बस्तियां मौजूद हैं तथा कुछ दूरी पर धार्मिक स्थल भी स्थित हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में महिलाओं, बुजुर्गों और परिवारों का लगातार आवागमन बना रहता है। ऐसे में आवासीय भूमि पर शराब दुकान का संचालन कई सामाजिक और प्रशासनिक प्रश्न खड़े करता है। लोगों का कहना है कि नजूल भूमि के पट्टे का उद्देश्य नागरिकों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना होता है, इसलिए इसके व्यवसायिक उपयोग की जांच होनी चाहिए। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि भूमि का उपयोग निर्धारित शर्तों के अनुरूप हो रहा है या नहीं। यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। यह मामला अब जनहित और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बनता जा रहा है।

इनका कहना है

आवासीय नजूल की भूमि पर कम्पोजिट देशी एव विदेशी शराब दुकान संचलित करने की शिकायत आई थी जाच करवाई गई है प्रतिवेदन कलेक्टर को भेजा गया है।

शैलेंद्र बडोनिया एसडीएम आमला

आवासीय नजूल भूमि पर दुकान किराए से नही दी जा सकती है शिकायत की जाच कर ली गई है शराब दुकान नजूल की भूमि पर संचलित है इसका प्रतिवेदन एसडीडम को सौप दिया है आगे की कार्रवाई एसडीएम द्वारा की जायगी

सुनील वसूले आरआई आमला

Ibn 24 Bharat
Author: Ibn 24 Bharat

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