खेत से दुकानों तक फिर शुरू हुआ सट्टे का गोरखधंधा आमला में सट्टा कारोबार ने बदला रूप, अब खेतों, दुकानों और आंगनवाड़ी में बैठकर हो रहा अवैध कारोबार
खेत में बैठकर काटी जा रही सट्टे की पर्चियाँ
आमला। बंजारीढाल क्षेत्र में (परिवतिर्त नाम) संजय नाम का युवक अपने खेत में बैठकर सट्टे की पर्चियाँ काटते हुए देखा गया। पहले खुलेआम बाजारों में चलने वाला यह अवैध खेल अब खेतों में जाकर छुपकर खेला जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, अजय रोज़ाना अलग-अलग समय पर खेत में बैठकर मोबाइल और कागज़ के सहारे पर्चियाँ तैयार करता है। आसपास के कुछ लोग नंबर मिलाने और रकम भेजने का काम भी कर रहे हैं। खेतों में आने-जाने वाले लोगों को अक्सर इस गोरखधंधे की भनक लगती है, लेकिन डर के कारण कोई खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा।अब ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खेतों में चल रहे इस अवैध कारोबार पर जल्द रोक लगाई जाए। किसानों का कहना है कि सट्टे का यह खेल गांवों के माहौल को बिगाड़ रहा है।
रेस्ट हाउस के पास दुकान में चल रहा सट्टा कारोबार
रेस्ट हाउस के पास अब्लू की दुकान पर टूरली नामक युवक के जरिए सट्टे का नेटवर्क सक्रिय बताया जा रहा है। दिन में यह दुकान सामान्य रूप से चलती है, लेकिन शाम ढलते ही इसका रूप बदल जाता है। सूत्रों के अनुसार, दुकान के अंदर बैठकर मोबाइल और व्हाट्सएप के माध्यम से पर्चियाँ काटी जाती हैं। रोज़ाना कुछ युवक इधर-उधर घूमते हुए नजर आते हैं जो ग्राहकों से संकेतों में बात करते हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि देर रात दुकान में लगातार हलचल बनी रहती है। अगर पुलिस एक बार अचानक छापा मारे तो बड़ा खुलासा हो सकता है। फिलहाल इस क्षेत्र में पुलिस की गश्त बेहद सीमित है, जिससे इन लोगों के हौसले बुलंद हैं।
मटन मार्केट और आंगनवाड़ी के पास भी छिपा खेल
मटन मार्केट के पास और आंगनवाड़ी केंद्र के समीप भी सट्टे का जाल फैल चुका है। यहां राजू नामक युवक अपने मोबाइल से व्हाट्सएप के जरिए सट्टे की पर्चियाँ भेजता है। आश्चर्य की बात यह है कि जिस जगह बच्चों के खेलकूद और महिलाओं की गतिविधियाँ होती हैं, वहीं कुछ लोग बैठकर अवैध कारोबार चला रहे हैं।
लोगों ने बताया कि शाम के समय राजू अपने कुछ साथियों के साथ आंगनवाड़ी भवन के पास बैठकर नंबर लिखता और भेजता है। कई बार पर्चियाँ कचरे में मिली हैं लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं ने कहा कि बच्चों के संस्थान के पास इस तरह की गतिविधि बहुत गलत संदेश दे रही है। समाजसेवी संगठनों ने पुलिस प्रशासन से तत्काल छापामार कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस बनी अनजान, बढ़ रही लोगों की चिंता
सट्टे का यह नया रूप पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है। पहले जहां सट्टा खुलेआम चौक-चौराहों पर होता था, अब वह मोबाइल और व्हाट्सएप की आड़ में चल रहा है। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग रही या फिर कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है यह भी सवाल बन गया है। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो यह अवैध कारोबार फिर से शहर के हर कोने में पैर पसार लेगा। आमला के नागरिकों ने मिलकर मांग की है कि पुलिस सख्त कार्रवाई करे और ऐसे लोगों को चिन्हित कर जेल भेजा जाए।










