दो मासूमों की मौत से मचा हड़कंप परासिया से खरीदी सिरफ बनी मौत का कारण, बोरदेही में स्वास्थ्य विभाग ने की मेडिकल जांच

परासिया से खरीदी सिरफ पीने के बाद कबीर और निहाल की मौत, दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
आमला। बैतुल जिले के आमला ब्लाक में बच्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा। अब रामनगर कलमेश्वरा के कबीर (पिता कैलाश यदुवंशी) और जामुन बिछवा के खमरा टोला जामुन बिछवा निवासी निहाल उर्फ गर्मित (पिता निकलेश) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।दोनों बच्चों को सर्दी-जुकाम की शिकायत थी, जिनके परिजनों ने उन्हें परासिया के एक डॉक्टर से इलाज कराया था। डॉक्टर ने जो कोल्ड्रिफ सिरफ दी, वही बच्चों की जान ले बैठी। सिरफ पीने के कुछ ही घंटों में दोनों की हालत बिगड़ी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।बअब दोनों गांवों में मातम पसरा हुआ है, हर आंख नम है और हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा है अगर दवा सुरक्षित थी, तो फिर बच्चों की मौत क्यों हुई?

बीएमओ अशोक नरवरे ने बोरदेही क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों की जांच शुरू की, दुकानों से दवाओं के सैंपल जब्त
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। आज बीएमओ डॉ. अशोक नरवरे ने बोरदेही क्षेत्र के सभी मेडिकल स्टोरों की अचानक जांच की। उन्होंने दुकानदारों से दवाओं के रिकॉर्ड मांगे और कई सिरफ के सैंपल जब्त किए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि क्या परासिया से खरीदी गई सिरफ की कोई खेप बोरदेही के मेडिकल स्टोरों तक भी पहुंची थी।
टीम ने दवा विक्रेताओं को सख्त चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी बच्चे को सिरफ न दी जाए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने बोरदेही, कलमेश्वरा और जामुन बिछवा में बच्चों के स्वास्थ्य का सर्वे भी शुरू कर दिया है।

दो मासूमों की मौत के बाद भी नहीं थम रही लापरवाही, अब ग्रामीण बोले दोषियों पर हत्या का केस दर्ज हो
ग्रामीणों में गुस्सा है कि मौत के बाद भी प्रशासन की कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित है। रामनगर कलमेश्वरा और जामुन बिछवा के लोगों ने कहा कि नकली या एक्सपायरी दवाओं का धंधा लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अधिकारियों ने कभी सख्ती नहीं की। लोगों ने मांग की है कि परासिया के डॉक्टर और संबंधित मेडिकल स्टोर की पूरी जांच हो और दोषियों पर हत्या के समान मामला दर्ज किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जांच केवल कागजों में सिमट गई, तो आने वाले दिनों में और भी परिवारों के चिराग बुझ सकते हैं।
अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या प्रशासन इस बार सच में जिम्मेदारों तक पहुंचेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा।
ग्रामीणों की मांगें
परासिया के डॉक्टर और मेडिकल स्टोर की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए
बोरदेही और आसपास के गांवों में नियमित मेडिकल सर्वे हो
दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए
नकली सिरफ की पूरी सप्लाई चेन का खुलासा किया जाए










