Breaking News

वन विभाग के रेस्ट हाउस में 13 लाख के कायाकल्प पर सवाल बदहाल हालात देख ग्रामीणों में आक्रोश, भ्रष्टाचार की जांच की उठी मांग कछार गांव में शुरू हुई नल-जल योजना, अब नहीं होगी पानी की परेशानी एसडीएम के निर्देश पर पीएचई विभाग ने बोर में मोटर डालकर शुरू की जलापूर्ति ईद-उल-अजहा पर ईदगाह में उमड़ा आस्था का सैलाब, अमन-चैन और भाईचारे की मांगी दुआ हजारों लोगों ने अदा की ईद-उल-अजहा की नमाज, गूंजा भाईचारे और मोहब्बत का संदेश नरवाई जलाने पर प्रशासन सख्त: किसान पर एफआईआर दर्ज एनजीटी और कलेक्टर के आदेशों के उल्लंघन पर तहसील प्रशासन की कार्रवाई, आमला थाना में मामला दर्ज जम्बाड़ा मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, ऑटो और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत में महिला-पुरुष गंभीर घर-घर गैस वितरण की मांग को लेकर पार्षद ने सौंपा ज्ञापन एसडीएम से मुलाकात कर नगर की गलियों तक गैस वाहन पहुंचाने की उठाई मांग

बैतूल जिले के भीमपुर में लाखों के दांव…!!

बैतूल जिले के भीमपुर में लाखों के दांव…!!

कौन है गोरखधंधे के पीछे ???

जुआघर में खुल्लमखुल्ला लाखों का कारोबार

बैतूल । जिले के चिचोली थाना क्षेत्र अंतर्गत भीमपुर चौकी इलाके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने जिलेभर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यहां पर रोजाना लाखों रुपये का जुआ खेला जा रहा है और यह सब कुछ खुलेआम संचालित हो रहा है। जानकारी के मुताबिक इस गोरखधंधे के पीछे सागर निवासी ग्राम जाम बगीचा और शैलू भीमपुर का नाम सामने आ रहा है। आरोप है कि यह दोनों बिना किसी भय के रोजाना लाखों रुपये की उगाही कर रहे हैं और जुआघर पर हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे लोग दांव पर दांव लगाते हैं और संचालक इस पूरे खेल को खुलेआम चला रहे हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि जुआघर चलाने वाले दावे से कहते हैं कि उन्हें इसकी अनुमति प्राप्त है।
आदिवासियों को बनाया जा रहा शिकार, गाड़ियां तक गिरवी
जुआघर की असलियत सामने लाने वाले सूत्रों ने बताया कि यहां पर खासकर आदिवासी समुदाय को टारगेट बनाया जाता है। खेल में फंसाने के बाद उनसे मोटी रकम वसूली जाती है। इतना ही नहीं, कई लोग अपनी गाड़ियां तक गिरवी रखने को मजबूर हो जाते हैं। संचालकों की मनमानी का आलम यह है कि यदि कोई व्यक्ति 5 हजार रुपये की राशि उठाता है तो रोजाना 500 रुपये की वसूली की जाती है। यह वसूली किसी वैध प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बल्कि खुलेआम लूट है। राशि वापस करने में देरी होने पर लोगों के साथ मारपीट तक की जाती है। कई बार तो लोगों की जमीन और संपत्ति भी जबरन कब्जे में ले ली जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा खेल लंबे समय से चल रहा है और कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल, क्या होगी कार्रवाई ?
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर जुआघर संचालित होने के बावजूद पुलिस प्रशासन चुप क्यों है। जिले के पुलिस अधीक्षक निश्चल एन. झारिया को कार्रवाई करना चाहिए  क्योंकि अब तक इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। भीमपुर चौकी और चिचोली थाना क्षेत्र में यदि पुलिस चाह ले तो इस पर तत्काल रोक लग सकती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर मिलीभगत की बातें भी सामने आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद आम जनता में गुस्सा और आक्रोश बढ़ गया है। लोग लगातार सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक आम जनता को इस अवैध जुए और सूदखोरी का शिकार बनाया जाएगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन इस वीडियो के बाद सख्त कदम उठाएगा या एक बार फिर से मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

Ibn 24 Bharat
Author: Ibn 24 Bharat

और पढ़ें

error: Content is protected !!