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जनपद चौक पर भारतीय किसान संघ का एक दिवसीय धरना, किसानों की मांगों को लेकर प्रशासन को सौंपा ज्ञाप

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जनपद चौक पर भारतीय किसान संघ का एक दिवसीय धरना, किसानों की मांगों को लेकर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

किसानों ने मिनिमम सपोर्ट प्राइस व बिजली समस्या को लेकर जताया आक्रोश

आमला । नगर के जनपद चौक पर शुक्रवार को भारतीय किसान संघ द्वारा आयोजित एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। किसानों ने सरकार द्वारा वादा किए गए 2400 रुपये प्रति क्विंटल मकई खरीद दाम को लागू करने की मांग जोरदार तरीके से उठाई। इसके साथ ही खराब सोयाबीन फसल का उचित सर्वे कर मुआवजा दिलाने की मांग भी की गई। किसानों ने कहा कि कृषि पंपों की बिजली कटौती लगातार 10 घंटे तक हो रही है जिससे सिंचाई पर गंभीर असर पड़ रहा है। प्रदर्शन में वक्ताओं ने विभागीय लापरवाही से किसानों को बार-बार परेशान होने की बात कही। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय पर समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। धरने में किसानों ने नारेबाजी कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

फसलों के सर्वे, खाद की किल्लत और परिवहन शुल्क पर कार्रवाई की मांग

धरना स्थल पर किसानों ने सोयाबीन फसल के सर्वे में की जा रही गड़बड़ियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। किसानों ने कहा कि राजस्व और कृषि विभाग के अलग-अलग दावों से किसान लगातार भ्रमित हो रहे हैं। इसके साथ ही खेतों में खराब फसल का मुआवजा देने में देरी किसानों की आर्थिक स्थिति को बिगाड़ रही है। किसानों ने खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए कहा कि यूरिया और अन्य खाद की आपूर्ति समय पर की जाए। ट्रकिंग शुल्क व अत्यधिक भाड़े को लेकर भी किसानों ने नाराजगी जताई और कहा कि बिना अनुमति के वसूले जा रहे शुल्क पर तुरंत रोक लगाई जाए। संगठन ने विभागीय अधिकारियों पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की।

गन्ना बोनस, डबल लॉक व्यवस्था और नीति बनाने की मांग पर जोर

धरने में किसानों ने गन्ना उत्पादकों की समस्याएं भी उठाईं और प्रति कुंटल 50 रुपये बोनस देने की लंबित मांग को तत्काल लागू करने की बात कही। किसानों ने कहा कि गन्ना खरीद व्यवस्था में कई अनियमितताएं होने से किसान समय पर भुगतान से वंचित हो रहे हैं। इसके अलावा अमला विपणन में लागू डबल लॉक प्रणाली के कारण किसानों को खाद व अन्य सामग्री लेने में अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों ने मांग की कि इस व्यवस्था को सरल किया जाए ताकि किसान सुविधाजनक रूप से सामग्री प्राप्त कर सकें। साथ ही गन्ना व अन्य फसलों के लिए दीर्घकालिक नीति बनाने की मांग भी रखी गई। कार्यक्रम के अंत में संगठन द्वारा तहसीलदार को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया और समस्याओं के शीघ्र समाधान की आशा व्यक्त की गई।

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