नारी शिक्षा का संदेश, सांस्कृतिक मंच पर नारी शक्ति: सावित्रीबाई फुले जयंती धूमधाम से मनाई
आमला। नगर के जहवार वार्ड क्रमांक 18 में सावित्रीबाई फुले महिला संगठन द्वारा भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती बड़े हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महिलाओं ने नाटक और नृत्य की प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से नारी शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम स्थल को आकर्षक सजाया गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। संगठन की अध्यक्ष उषा नागले ने सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा की अलख जगाई और महिलाओं को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया। कार्यक्रम में संगठन की रेखा चौकीकर ने कहा कि सावित्री बाई फुले का जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत नाटक में महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा और सामाजिक कुरीतियों पर करारा प्रहार किया गया, वहीं नृत्य प्रस्तुतियों ने नारी शक्ति की एकजुटता और आत्मविश्वास को दर्शाया। आयोजन के अंत में सावित्रीबाई फुले के आदर्शों पर चलने और महिलाओं के अधिकारों के लिए सतत संघर्ष करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम को लेकर पूरे वार्ड में उत्साह और सकारात्मक माहौल बना रहा। सावित्रीबाई फुले महिला संगठन की अध्यक्ष उषा नागले,रेखा चौकीकर,संजोगी बर्थे, सोनू नागले,सुनीता कनोजिया,सुषमा तायवाड़े,श्रद्धा मालवीय,प्रियंका कनोजिया,रिया पटने,ज्योति राठौर आदि महिलाए उपस्थित थी।











