सावित्रीबाई फुले जयंती पर 25 महिला अधिकारी-कर्मचारियों का सम्मान बस स्टैंड परिसर में हुआ आयोजन, महिलाओं के योगदान को किया गया नमन
आमला। नगर के बस स्टैंड परिसर में शुक्रवार को सावित्रीबाई फुले जयंती समारोह श्रद्धा और सम्मान के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा और समाज के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए नगर की 25 महिला अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी चन्द्रशेखर पंडोले ने कहा कि सावित्रीबाई फुले भारत की प्रथम महिला शिक्षिका थीं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा की अलख जगाई। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं जिस आत्मविश्वास के साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, उसकी नींव सावित्रीबाई फुले के संघर्ष और विचारों से ही पड़ी। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही महिलाओं को समान अवसर और सम्मान प्राप्त हो रहा है।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने न केवल महिलाओं बल्कि समाज के वंचित वर्गों को शिक्षा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। आज जरूरत है कि उनके विचारों को आत्मसात करते हुए बालिकाओं की शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को और मजबूत किया जाए।कार्यक्रम के दौरान सम्मानित की गई महिला अधिकारी-कर्मचारियों ने इसे अपने लिए गर्व का क्षण बताया और समाज के लिए और बेहतर कार्य करने का संकल्प लिया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया।











