टॉप ट्रेंडिंग :

नौ देवी प्रतिमा के दर्शन के लिए उमड़ रही भक्तों की भीड़, रोजाना होती है महाआरती 17 वर्षों से श्री नव दुर्गा नवयुवक संगठन कर रहा प्रतिमा की स्थापना, भक्तों में उत्साह का माहौल तहसील न्यायालय में फाइल फाड़ने के कथित मामले में पूर्व सैनिक दोषमुक्त आठ गवाह और दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए, आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं हो सके छात्रों की गूंज में दिखा युवाओं का जोश, समर्थकों के साथ इंदौर पहुंचे विरेन्द्र बर्थे का कार्यक्रम मे छात्र-युवा मुद्दों पर हुआ संवाद, समर्थकों की मौजूदगी ने बढ़ाई सक्रियता 20 सितंबर को आमला शहर में छह घंटे बिजली रहेगी बंद करोपानी में किसानों का आमरण अनशन टूटा, हाईकोर्ट जाने की तैयारी अधिवक्ता आराधना भार्गव ने पिलाया जूस राजीव गांधी जी की 82वीं जयंती पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया स्मरण

आमला की बेटी ने महिलाओं के सम्मान में उठाई आवाज महिलाओं का अपमान निराशाजनक:पार्षद खुशबू अतुलकर

SHARE:

आमला की बेटी ने महिलाओं के सम्मान में उठाई आवाज महिलाओं का अपमान निराशाजनक:पार्षद खुशबू अतुलकर

मुख्यमंत्री कन्या विवाह में महिला जनप्रतिनिधि को किया दरकिनार

आमला। ग्राम पंचायत देवगांव में आयोजित मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना के सामुहिक समारोह में महिला जनप्रतिनिधियों को दरकिनार किया गया है। इस आयोजन में जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, जो दोनों पुरुष हैं, के नामों को समिति में रखा गया है, जबकि महिला सरपंच, पंच, जनपद सदस्य महिलाओं को समिति से नदारद रखा गया है।

महिलाओं का अपमान

इस आयोजन में महिला जनप्रतिनिधियों का अपमान किया गया है। महिला सरपंच, पंच, जनपद सदस्य महिलाओं को समिति में नहीं रखना उनके साथ भेदभाव करने जैसा है। इससे वे अपमानित महसूस कर रही हैं।इस आयोजन में महिला जनप्रतिनिधियों को दरकिनार करने से सवाल उठने लगे हैं। क्या महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है? क्या महिलाओं को समान अवसर नहीं दिए जा रहे हैं?

महिलाओं को मिलना चाहिए सम्मान

महिला जनप्रतिनिधियों को सम्मान और समान अवसर मिलना चाहिए। उन्हें समिति में शामिल करना और उनके नामों को आयोजन में शामिल करना आवश्यक है। इससे महिलाओं को अपने अधिकारों का उपयोग करने का अवसर मिलेगा और वे अपने क्षेत्र के विकास में योगदान कर सकेंगी। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले में कार्रवाई करे और महिला जनप्रतिनिधियों को सम्मान और समान अवसर दिलाने के लिए कदम उठाए। इससे महिलाओं को अपने अधिकारों का उपयोग करने का अवसर मिलेगा और वे अपने क्षेत्र के विकास में योगदान कर सकेंगी।

इनका कहना है

मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना की समिति जिले से बनी है। समिति के गठन में जनपद का कोई हस्तक्षेप नहीं है। विवाह कार्यक्रम किसी भी पंचायत में किया जा सकता था जहां उपयुक्त स्थान मिला वहां के जनप्रतिनिधि को कार्यक्रम की तैयारी करना है। समिति में नाम नहीं होना कोई इश्यू नहीं है।

संजीत श्रीवास्तव सीईओ आमला।

भाजपा की सरकार को महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना चाहिए महिलाओ का समान करना चाहिए विवाह कार्यक्रम में महिलाओं का अपमान निराशाजनक है जिस कार्यक्रम में महिलाओं का समान नही किया जाता ऐसे कार्यक्रमों की हम घोर निदा करते है।

खुशबू अतुलकर कांग्रेस पार्षद वार्ड क्रमांक 9

0
Default choosing

Did you like our plugin?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

पत्नी पर कथित टिप्पणी से भड़का युवक, पीछे से चाकू घोंपकर की हत्या की कोशिश; खून से लथपथ हालत में अस्पताल पहुंचा घायल, 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार सांईखेड़ा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल लोहे का चाकू भी बरामद

error: Content is protected !!

राज्य

शहर चुनें